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शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार के वित्तीय सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं और इसी के चलते एचआरटीसी पेंशनरों की लंबित मांगों को पूरा करने के साथ-साथ कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने शिमला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि एचआरटीसी पेंशनरों के साथ हुई बैठक में लंबे समय से लंबित पेंशन और मेडिकल प्रतिपूर्ति के मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कार्यकाल में पेंशनरों को कई बार दो-दो और तीन-तीन महीने तक पेंशन का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब सरकार ने व्यवस्था बनाई है कि हर महीने 7 से 10 तारीख के बीच एचआरटीसी पेंशनरों को उनकी पेंशन मिल जाया करेगी।
उन्होंने कहा कि पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सरकार एचआरटीसी को प्रतिमाह 20 करोड़ रुपये का अनुदान देगी, जबकि शेष राशि निगम अपने संसाधनों से उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा पेंशनरों के मेडिकल प्रतिपूर्ति दावों के निपटारे के लिए 20 करोड़ रुपये जारी किए जा रहे हैं, जिससे लंबित भुगतान का समाधान हो सके।
सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्तीय अनुशासन और व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से प्रदेश की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) में लगभग 10,000 करोड़ रुपये की कटौती किए जाने के बावजूद राज्य सरकार ने अपने संसाधनों और नीतिगत फैसलों के बल पर वित्तीय स्थिति को संभाला है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिवों, उपायुक्तों, मंत्रियों और विधायकों के वेतन में की गई अस्थायी कटौती (डिफरमेंट) को समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले महीने से संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को उनका लंबित भुगतान भी कर दिया जाएगा तथा जुलाई से उन्हें पूरा वेतन मिलेगा। हालांकि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था उन पर लागू नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में व्याप्त वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के रास्तों को बंद करने का काम किया है, जिसके कारण सरकारी संसाधनों की बचत हुई है। उन्होंने बताया कि पहले राज्य सरकार बिजली बोर्ड को लगभग 2,200 करोड़ रुपये का अनुदान देती थी, जिसे सुधारों के बाद घटाकर करीब 1,000 करोड़ रुपये किया गया है।
मुख्यमंत्री ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि 65 से 70 वर्ष आयु वर्ग के पेंशनरों का लंबित एरियर अगले महीने जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह वादा बजट में किया गया था और अब सरकार इसे पूरा करने जा रही है।
पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सुक्खू ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन के दौरान प्रदेश को केंद्र से अधिक वित्तीय सहायता मिलने के बावजूद राज्य की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई और कर्ज का बोझ बढ़ा। उन्होंने कहा कि यदि उस समय संसाधनों का सही उपयोग किया जाता तो प्रदेश आज कहीं अधिक आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत होता।
केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से आम जनता पर भारी बोझ पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि देश में आर्थिक संकट के संकेत दिखाई दे रहे हैं और केंद्र सरकार को महंगाई नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
कांग्रेस में संभावित इस्तीफों और भाजपा नेता हर्ष महाजन की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे बयानों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और सरकार विकास तथा जनकल्याण के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है।


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