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शिमला। शिमला के संजौली के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में महिला की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। वारदात के 40 घंटे के भीतर शिमला पुलिस ने हरियाणा से दो हत्या को अंजाम देने वाले दो सूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए अपनी कार पर हिमाचल का फर्जी नंबर लगाया था। मामले में इस्तेमाल दो पिस्तौल भी बरामद कर ली गई हैं। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे संपत्ति विवाद और पुरानी रंजिश का एंगल सामने आया है, जबकि मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है।
एएसपी शिमला(हेडक्वार्टर) अभिषेक ने बताया कि13 जून को शिमला के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के समीप मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद शिमला पुलिस ने विशेष जांच टीमों का गठन कर जांच शुरू की। फॉरेंसिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और डिजिटल एविडेंस के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। जांच में पता चला कि दोनों आरोपी हरियाणा से सफेद रंग की स्विफ्ट कार में शिमला आए थे। पुलिस की निगरानी से बचने के लिए उन्होंने वाहन पर हिमाचल प्रदेश का फर्जी एचपी-10 सीरीज नंबर लगाया था। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर वाहन की वास्तविक पहचान स्थापित की गई, जिसके बाद पुलिस ने हरियाणा के रोहतक में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झज्जर निवासी 22 वर्षीय आशीष अहलावत और रोहतक निवासी 25 वर्षीय दीपक के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल दो पिस्तौल भी बरामद की हैं। आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। आशीष के खिलाफ पहले से एक मामला दर्ज है, जबकि दीपक के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत चार मुकदमे दर्ज हैं। एएसपी अभिषेक ने बताया कि मृतका द्वारा पूर्व में दी गई अधिकांश शिकायतें संपत्ति और पारिवारिक विवाद से जुड़ी सिविल प्रकृति की थीं।


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