हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल प्रदेश डिजिटल गवर्नेंस और नागरिक सेवाओं के वितरण के क्षेत्र में तेजी से बदलाव की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार ने डिजिटल प्रौद्योगिकी आधारित सुधारों और पहलों को लागू करते हुए प्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में शुरू किए गए इन सुधारों का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है।
नई डिजिटल व्यवस्थाओं और मौजूदा प्रणालियों में किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप सरकारी अधिकारी, कर्मचारी और विभाग अब महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों को पहले की अपेक्षा अधिक तेज, व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संचालित कर पा रहे हैं।
ई-ऑफिस ने राज्य में कागज रहित प्रशासन के एक नए युग की शुरुआत की है। इसके माध्यम से सरकारी आंतरिक प्रक्रियाओं का स्वचालन, कागज के उपयोग में कमी, पारदर्शिता में वृद्धि और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समग्र दक्षता में सुधार सुनिश्चित किया जा रहा है। ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म में दस्तावेज प्रबंधन (ई-फाइल), ई-फाइल ट्रैकिंग, ई-साइन और वर्कफ्लो ऑटोमेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
वर्तमान में राज्य के करीब 900 कार्यालय ई-ऑफिस से जुड़ चुके हैं। इनमें सचिवालय के 108, निदेशालयों के 98, पुलिस अधीक्षक कार्यालयों के 15, उपायुक्त कार्यालयों के 12, एसडीएम कार्यालयों के 74, बीडीओ कार्यालयों के 88 और 491 फील्ड कार्यालय शामिल हैं।
राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 नागरिकों को अपनी शिकायतें दर्ज करवाने और उनके समाधान के लिए एक केन्द्रित मंच उपलब्ध करवाती है। इस प्रणाली के माध्यम से शिकायतों का ऑनलाइन पंजीकरण, संबंधित विभाग को भेजना, निगरानी और निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाता है। विभिन्न विभागों के 10,000 से अधिक अधिकारियों को 93 विभागों के साथ इस शिकायत निवारण प्रणाली से जोड़ा गया है। सरकार ने प्लेटफॉर्म को और मजबूत करते हुए व्हाट्सऐप आधारित चैटबॉट की सुविधा भी जोड़ी है। इसके साथ ही शिकायतों के संतोषजनक समाधान की निगरानी व्यवस्था को भी बेहतर बनाया गया है।
राज्य सरकार ने 25 जनवरी, 2025 को हिम परिवार की एकीकृत परिवार एवं सामाजिक रजिस्ट्री का शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य नागरिक-केंद्रित सेवाओं के प्रभावी वितरण के लिए परिवारों का विश्वसनीय और समेकित डेटाबेस तैयार करना है।
हिम परिवार विभिन्न सरकारी प्रणालियों से परिवार और परिवार के सदस्यों से संबंधित सूचनाओं को एक मंच पर लाता है। इसमें ई-केवाईसी, लाभार्थियों का सत्यापन, सर्वेक्षण आधारित डेटा संग्रह और विभिन्न विभागीय डेटाबेस के साथ एकीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
हिम परिवार राज्य का एकीकृत सेवा वितरण पोर्टल है, जिसके माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सरकारी विभागों की सेवाएं एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
पोर्टल पर आवेदन जमा करने से लेकर डिजिटल दस्तावेज सत्यापन, भुगतान और सेवा प्रदान करने तक की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जा रहा है। सेवा वितरण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पोर्टल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित दस्तावेज सत्यापन की सुविधा भी विकसित की जा रही है।
सरकार द्वारा हिमसेवा 2.0 भी विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य विभिन्न सेवाओं को और अधिक एकीकृत, सरल, कुशल तथा नागरिक-अनुकूल बनाना है।
वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट पोर्टल अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रदर्शन मूल्यांकन तथा वार्षिक कार्य योजना की प्रक्रिया को डिजिटल रूप प्रदान करता है। पोर्टल में रिपोर्टिंग, समीक्षा और स्वीकृति अधिकारियों के लिए एक सुव्यवस्थित रूप में उपलब्ध है।
इसके माध्यम से अधिकारियों के लिए मापनीय और गुणात्मक दोनों प्रकार के लक्ष्यों का निर्धारण किया जा सकता है। इससे प्रदर्शन मूल्यांकन की प्रक्रिया में एकरूपता, पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने में मदद मिल रही है।
मीटिंग मैनेजमेंट सिस्टम बैठकों से संबंधित पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रूप से व्यवस्थित करता है। बैठक के आयोजन और नोटिस जारी करने से लेकर उपस्थिति, कार्यवाही और लिए गए निर्णयों पर कार्रवाई की निगरानी तक की व्यवस्था इस प्रणाली में शामिल है।
स्वचालित रिमाइंडर और एक्शन टेकन रिपोर्ट के माध्यम से लिए गए निर्णयों के अनुपालन की निगरानी को और मजबूत किया गया है। इसमें टास्क मैनेजमेंट की सुविधा भी है, जिसके माध्यम से अधिकृत अधिकारी कार्य सौंप सकते हैं, समय-सीमा निर्धारित कर सकते हैं और ऑनलाइन उनकी प्रगति की निगरानी कर सकते हैं।
डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम अधिक कुशल और पेपरलेस प्रशासन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल है। यह आधिकारिक दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से डिजिटल रूप में संग्रहित करने, प्रबंधित करने और आवश्यकता पड़ने पर आसानी से प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है। इससे भौतिक फाइलों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है।
इस पहल को एक नई दिशा देते हुए डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम में हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्षमताओं को शामिल किया गया है। इससे दस्तावेज आधारित प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और प्रभावी बनाने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
डिजिटल प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के समावेश से अपनाकर सुशासन की दिशा में अग्रसर हिमाचल प्रदेश
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