हिमाचल आजकल
शिमला, हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY)-IV के दूसरे चरण के तहत राज्य में 340 सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये की मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने शिमला में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रस्तावित सड़कों की कुल लंबाई करीब 1,659 किलोमीटर है। इसके अलावा 23 पुलों के निर्माण एवं सुधार के लिए करीब 1,128 करोड़ रुपये की मंजूरी मिलने की भी उम्मीद है। PMGSY-IV के तहत केंद्र ने देशभर में 62,500 किलोमीटर सड़कों तथा नई कनेक्टिविटी वाली सड़कों पर पुलों के लिए 70,125 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय को मंजूरी दी है।
सिंह ने कहा कि सड़क परियोजनाओं से संबंधित औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं और वह इस महीने के अंत में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह तक परियोजनाओं को मंजूरी मिल सकती है और जनवरी से कार्य शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि PMGSY के पहले चरण में हिमाचल को करीब 1,500 किलोमीटर सड़कों के लिए मंजूरी मिली थी, जिस पर लगभग 2,300 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। स्वीकृत 294 सड़कों पर काम शुरू हो चुका है, जबकि 17 कार्य विभिन्न कारणों से लंबित हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई स्थानों पर पुलों की कमी के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और कुछ क्षेत्रों में बेली ब्रिज अथवा बॉक्स कल्वर्ट के सहारे आवाजाही हो रही है। प्रस्तावित 23 पुलों की मंजूरी से दुर्गम एवं ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
जमीन देने की अपील
लोक निर्माण मंत्री ने सड़क परियोजनाओं के लिए स्थानीय लोगों से विभाग को जमीन गिफ्ट डीड के माध्यम से देने की अपील की। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी औपचारिकताएं तथा वन कानूनों से जुड़ी मंजूरियां समय पर पूरी होने से परियोजनाओं को गति मिलेगी।
बिटुमेन की आपूर्ति का मुद्दा उठाएंगे
सिंह ने कहा कि वार्षिक रखरखाव योजना के तहत करीब 800 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत एवं मेटलिंग का लक्ष्य है, लेकिन बिटुमेन की आपूर्ति में आ रही दिक्कतें काम को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के समक्ष उठाया जाएगा।
कंगना के बयान पर पलटवार
मंडी की सांसद कंगना रनौत के हिमाचल को केंद्र पर बोझ बताए जाने संबंधी बयान पर सिंह ने कहा कि हिमाचल को छोटा दिखाने वाली बातें दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन प्रदेश की उपलब्धियों और विकास में पूर्व सरकारों एवं नेताओं के योगदान को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए।
वीरभद्र की विरासत पर बोले
रोहड़ू में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का पोस्टर नहीं लगाए जाने के विवाद पर उन्होंने कहा कि किसी पोस्टर या होर्डिंग पर तस्वीर होना सबसे महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि किसी नेता ने जनता के दिलों में कितनी जगह बनाई और प्रदेश के विकास में क्या योगदान दिया, यह अधिक मायने रखता है। उन्होंने वीरभद्र सिंह के करीब 22 वर्षों के मुख्यमंत्री कार्यकाल और उनके योगदान का उल्लेख किया।
वीरभद्र सिंह के नाम पर नई राजनीतिक पार्टी बनाने की चर्चाओं का विरोध करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि किसी को राजनीतिक दल बनाने का अधिकार है, लेकिन दिवंगत नेता के नाम का इस्तेमाल उनकी पत्नी और परिवार की सहमति के बिना किया जाना उचित नहीं है। प्रतिभा सिंह ने इस संबंध में निर्वाचन आयोग को पत्र भी भेजा है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन
सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा लोकतंत्र की बुनियाद है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठाए जा रहे सवालों का उल्लेख किया और राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया।
ब्राजील दौरे का भी किया जिक्र
मंत्री ने अपने हालिया ब्राजील दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां पार्किंग और कचरा प्रबंधन समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया है। इनसे जुड़ी बेहतर कार्यप्रणालियों को हिमाचल की परिस्थितियों के अनुरूप लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है।


| All Rights Reserved | Website By :