हिमाचल आजकल
शिमला। जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार ने जल शक्ति विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ मिलकर जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की जीवनधारा योजना की मोबाइल मेडिकल यूनिट में जल जांच की सुविधा भी उपलब्ध करने का निर्णय लिया है। इस बारे में बीते 15 मार्च को जल शक्ति विभाग व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के मध्य दोनों विभागों के दायित्व को सुनिश्चित करते हुए एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया जा चुका है।
जल शक्ति, राजस्व, बागवानी व सैनिक कल्याण मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व आयुर्वेद मंत्री ड$ा राजीव सैजल ने बुंधवार को जल जांच किटयुक्त जीवनधारा मोबाइल मेडिकल यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के दिशा निर्देशों के अनुसार पेयजल स्रोतों और वितरण प्रणाली से नमूनों की जांच का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है ताकि जल गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। इसके लिए प्रदेश में प्रयोगशालाआें का मजबूत ढांचा तैयार किया जा रहा है। उनका कहना है कि अभी तक 60 प्रयोगशालाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जिनमें से सात इसी वर्ष स्थापित की गई हैं। इन प्रयोगशालाओं में से 50 को उच्च मानकों के आधार पर राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) से मान्यता मिल चुकी है।
जीवनधारा मोबाइल वैन लोगों को मिलेगा लाभ: राजीव सैजल
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व आयुर्वेद मंत्री डा. राजीव सैजल ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जीवनधारा मोबाइल वैन प्रदेश के दूर दराज क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हीं क्षेत्रों में से पांच जिलों शिमला, सोलन, मंडी, चंबा व कांगड़ा जहां जलजनित रोगों की पूर्व में घटनाएं हो चुकी हैं, उन स्थानों पर जल गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के लिए जल शक्ति विभाग व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने यह साझा प्रयास शुरू किया है ताकि स्वास्थ्य जंच के साथ-साथ इन क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता जंच कर जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए कार्य किया जा सके। अधिकारी भी उपस्थित थे।
$


| All Rights Reserved | Website By :