हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए बिसात बिछानी शुरू कर दी है। इस कड़ी में कांग्रेस आलाकमान ने विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश कांग्रेस की बड़े स्तर पर फेरबदल किया है। अब कांग्रेस विधानसभा चुनाव में पूरे जोश के साथ उतरने के मूड़ में नजर आ रही है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पास पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह के नाम को भुनाने सबसे बड़ा हथियार का है। प्रतिभा सिंह के सामने कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को खत्म करने की बड़ी चुनौती है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने हिमायल विधानसभा के चुनाव को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। कांग्रेस आलाकमान ने प्रदेश कांग्रेस में सभी बड़े नेताओं को अहम जिम्मेदारी है। ऐसे करके कांग्रेस अलाकमान ने प्रदेश कांग्रेस की आपसी गुटबाजी के खत्म करने का भी प्रयास किया है। कांग्रेस आलाकामान पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपकर का मास्टर स्ट्रोक खेला है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस कांग्रेस वीरभद्र सिंह की सहानुभूति को बटोरने का पूरा प्रयास करेगी। इस रणनीति के साथ कांग्रेस विधानसभा चुनाव के लिए आगे बढ़ रही है। इइसके अलावा प्रदेश कांग्रेस के चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस ने क्षेत्रीय संतुलन बनाने का भी प्रयास किया है। लिहाजा अगले कुछ दिनों में कांगेस नई टीम के साथ भाजपा के खिलाफ आक्रमक रूख अपनाने की रणनीति तैयार कर रही है।

सुक्खू की टिकट आवंटन में रहेगी अहम भूमिका
उधर, कांग्रेस आलाकमान ने पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह
सुक्खू पर भी एक बार फिर भरोसा जताया है। कांग्रेस प्रचार समिति का बतौर अध्यक्ष नियुक्ति से सुक्खू का पार्टी में कद बढ़ा है। विधानसभा चुनाव में टिकट अवंटन में सुक्खू का अहम रोल रहेगा। इससे पहले वीरभद्र सिंह चुनाव प्रचार समिति की बागडोर संभाला करते थे। ऐसे में चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष का पद कई मायनों में अहम है। सुक्खू को कांग्रेस संगठन चलाने का भी अच्छा खासा अनुभव रहा है। उनके सामने विधानसभा चुनाव बेहतर प्रदर्शन करनी की चुनौती होगी। यही नहीं विधानसभा चुनाव के लिए जीताऊ उम्मीदवारों की तलाश करना भी सुक्खू के सामने बड़ी चुनौती होगी।


| All Rights Reserved | Website By :