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शिमला, 10 नवंबर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने मंडी में प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का आवश्यक भूमि सहित संशोधित मास्टर प्लान प्रस्तुत किया है ताकि इसकी हवाई पट्टी (रनवे) के अभिविन्यास (आेरियंटेशन) का निर्धारण आेएलएस चार्ट तैयार किया जा सके। प्रदेश सरकार सामरिक ²ष्टि से महत्वपूर्ण इस परियोजना के वित्तपोषण के लिए मामला केन्द्र सरकार के समक्ष उठाएगी। उन्होंने कहा कि 15वें वित्तायोग ने इस बड़ी परियोजना के लिए 1000 करोड़ रुपए की सिफारिश की है। वे बुधवार को मंडी हवाई अड्डा विकास से संबंधित एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उनका कहना है कि सरकार ने नागर विमानन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के सुझावों के अनुसार रनवे का संरेखण (अलाइन्मेंट) तय करने के लिए वैपकोस लिमिटिड द्वारा लेडार सर्वेक्षण पूर्ण कर लिया है। यह सर्वेक्षण इसी वर्ष 21 जुलाई को पूरा हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागर विमानन मंत्रालय द्वारा पूर्व में दी गई साइट क्लीयरेंस तथा जमा करवाए गए मास्टर प्लान के अनुसार यहां 2100 मीटर रनवे के निर्माण और दक्षिण भाग में इसके 1050 मीटर संभावित विस्तार के साथ योजना तैयार की गई थी। उन्होंने कहा कि हवाई लेडार सर्वेक्षण और केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री के साथ आयोजित बैठक के बाद यहां 3150 मीटर लंबी हवाई पट्टी की संभावना तलाश करने पर सहमति बनी थी। उन्होंने कहा कि इस आधार पर विश्लेषण के बाद हवाई पट्टी की लंबाई दक्षिण भाग के बजाय उत्तरी भाग में 1050 मीटर करने पर कार्य किया गया। जयराम ठाकुर ने कहा कि हवाई पट्टी की दिशा में प्रमुख बदलाव के उपरान्त अब यह एबी-320 प्रकार के हवाई जहाजों के संचालन के लिए उपयोगी सिद्घ होगी। इस हवाई अड्डे से वर्ष भर विमानों का संचालन सम्भव होगा और कैट-आई लाइटिंग सिस्टम से रात्रि के समय भी विमानों का संचालन किया जा सकेगा।


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