शिमला में मनाई गई डा. यशवंत सिंह परमार की 116वीं जयंती
हिमाचल आजकल
शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि डा. यशवंत सिंह परमार की दूरगामी सोच में हिमाचल प्रदेश की खुद की पहचान निहित थी। ड$ा. परमार की प्रतिबद्घता और समर्पण से ही अनेक प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद हिमाचल प्रदेश अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाब रहा। उन्होंने कहा कि डा. परमार हिमाचली संस्कृति और परम्पराओं के प्रति विशेष स्नेह और सम्मान के भाव रखते थे। डा$ परमार राज्य की समृद्घ संस्ति को पहचान दिलाने का कोई अवसर नहीं चुके। मुख्यमंत्री वीरवार को पीटरहफ शिमला में हिमाचल निर्माता व प्रथम मुख्यमंत्री डा. यशवंत सिंह परमार की 116वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डा.यशवंत सिंह परमार न केवल हिमाचल प्रदेश के निर्माता थे, बल्कि उन्होंने प्रदेश के विकास की मजबूत नींव भी रखी।
जयराम ठाकुर ने कहा कि डा.परमार का व्यक्तित्व महान था और उनकी जयंती को धूमधाम से मनाया जाना चाहिए। इसलिए उन्होंने इस कार्यक्रम को विधानसभा के हल से बाहर निकलकर विस्तृत तरीके से मनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के गठन के समय प्रदेश में केवल 228 किलोमीटर लंबी सडक़ें थी। डा. परमार ने प्रदेश में सडक़ों के निर्माण और विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की। आज प्रदेश में 39500 किलोमीटर से अधिक सडक़ों का मजबूत नेटवर्क है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश 75 वर्षों की लंबी विकास यात्रा का साक्षी रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इसे यथोचित ढंग से मनाने के लिए पूरे प्रदेश में 75 कार्यक्रमों का आयोजन कर इनके माध्यम से प्रदेश की गौरवशाली यात्रा का प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल तब और अब विषय पर प्रदर्शनी के माध्यम से भी राज्य के लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास का श्रेय राज्य के मेहनती और ईमानदार लोगों को जाता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डा. वाईएस परमार के पुत्र और पूर्व विधायक कुश परमार को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने डा. राजेन्द्र अत्री द्वारा लिखित पुस्तक ड$ यशवंत सिंह परमार मास लीडर- एन एपोस्टल ऑफ अनेस्टी एंड इंटीग्रेटी का विमोचन भी किया।
इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कहा कि तमाम बाधाओं एवं चुनौतियों के बावजूद ड$ परमार ने हिमाचल जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले पहाड़ी राज्य के विकास की मजबूत नींव रखी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सडक़ निर्माण, बिजली, बागवानी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों के प्रति डा. परमार की दूरदर्शी सोच के कारण ही आज हिमाचल प्रदेश ने इन क्षेत्रों में नाम कमाया है तथा एक अलग पहचान बनाई है। इस अवसर पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्रिहोत्री ने डा$ परमार की जयंती समारोह के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सराहना की। उन्होंने कहा कि डा. परमार के अथक प्रयासों के कारण ही आज हिमाचल प्रदेश अपने अस्तित्व के 75 वर्ष पूरे कर रहा है। शहरी विकास और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि ड$ परमार एक महान दूरदर्शी नेता थे जिन्होंने राज्य को विशिष्ट पहचान दिलवाने के लिए सदैव अथक प्रयास करते थे क्योंकि उन्हें पता था कि पहाड़ी राज्यों की विकासात्मक आवश्यकताएं देश के अन्य राज्यों से अलग हैं।


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