शिमला शहर से टिकट के लिए जताऊंगा दावेदारी : आदर्श सूद
हिमाचल आजकल
शिमला। कांग्रेस के पूर्व विधायक व नगर निगम शिमला के पूर्व महापौर आदर्श सूद ने प्रदेश सरकार पर स्मार्ट सिटी के नाम पर बजट खर्च करने में अनियमित्ता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के पैसों का दुरूपयोग किया जा रहा है। शहर में जगह जगह कंक्रिट की दिवारे खड़ी की जा रही है। जो विकास कार्य हो रहे है उसके भी गुणवत्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने के बाद स्मार्ट सिटी के कार्यों में हुई नियमित्ता की जांच करवाएगी। वे रविवार को शिमला में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
आदर्श सूद ने कहा कि पिछले 45 सालों से वह कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। वह तीन बार शिमला नगर निगम के महापौर रहे और विधायक भी रहे। उसके बाद उन्हें टिकट नहीं मिला। फिर भी वह पार्टी के लिए कार्य करते रहें। इस बार वह दोबारा चुनावों के लिए दावेदारी जताएंगे। वह पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं।
आदर्श सूद ने कहा कि शहर के गंज बाजार को नए सिरे से बसाने की योजना 25 साल पहले बन गई थी। स्मार्ट सिटी के तहत यहां पर कुछ भी काम नहीं हुआ। रामबाजार में नए सिरे से दुकाने बनाने के लिए पुरानी दुकानों को तोड़ा गया। पुरानी दुकाने उन्हीं स्थानों पर बनाई जा रही है इसके लिए कोई योजना नहीं बनाई। हैरानी की बात यह है कि छह महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है अभी तक यह काम पूरा नहीं हुआ है।
आदर्श सूद ने कहा कि पिछले कुछ समय से ऑनलाइन कारोबार काफी ज्यादा बढ़ गया है। कई कंपनियां इस कारोबार में लगी है। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश की सरकार इन कंपनियों को प्रमोट कर रही है जबकि कारोबारियों को इससे बड़ा नुकसान हो रहा है। सभी को कारोबार करने की इजाजत है लेकिन इस पर कुछ नियंत्रण होना भी जरूरी है। उनका कहना था कि इन कंपनियों से जीएसटी के रूप में हिमाचल को कितना रिटर्न आ रहा है इसका कोई जानकारी नहीं है। कांग्रेस मांग करती है कि जितनी भी कंपनियां हिमाचल में ऑनलाइन बिजनेस करती हे उनके वेयर हाउस यहीं पर बनाए जाए। इनके टैक्स की कमाई का हिस्सा हिमाचल के खजाने में आना चाहिए।


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