मुख्यमंत्री ने रामपुर में प्रगतिशील हिमाचल स्थापना के 75 वर्ष समारोह की अध्यक्षता की
हिमाचल आजकल
शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के अस्तित्व के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘प्रगतिशील हिमाचल स्थापना के 75 वर्ष’ समारोह की अध्यक्षता करते हुए शिमला जिला के रामपुर विधानसभा क्षेत्र में आज 24. 66 करोड़ रुपये लागत की नौ विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए।
मुख्यमंत्री ने रामपुर में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि रामपुर के लोगों का उनके दिल में विशेष स्थान है। उन्होंने कहा कि जब-जब भी क्षेत्र का दौरा किया, रामपुर के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया है। उन्होंने रामपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में जनादेश देकर समर्थन करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मना रहा है और दूसरी आेर हिमाचल प्रदेश भी अपने अस्तित्व के 75 वर्ष पूर्ण कर रहा है। उन्होंने कहा कि ये 75 वर्ष राज्य की एक महत्वपूर्ण विकास यात्रा के साक्षी रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक नागरिक ने राज्य की इस विकास यात्रा में अपना योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक मुख्यमंत्री, चाहे ड$ यशवंत सिंह परमार, राम लाल ठाकुर, शांता कुमार, वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल हों, का इस प्रदेश को विकसित राज्य बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 75 कार्यक्रम आयोजित करने के निर्णय का उद्देश्य प्रदेश के सभी नेताओं और लोगों के योगदान को स्मरण करना है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य सरकार की यह पहल कुछ कांग्रेस नेताआें को रास नहीं आ रही है।
मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास के इतिहास का विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश ने सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1948 में राज्य में प्रति व्यक्ति आय मात्र 240 रुपये थी, जो अब बढक़र 2,01,873 रुपये और साक्षरता दर 83 प्रतिशत हो गई है, जोकि 1948 में 4.8 प्रतिशत थी। राज्य में षि उत्पादन 954 मीट्रिक टन से बढक़र 1500 मीट्रिक टन हो गया है और 1948 में खाद्यान्न उत्पादन 1$99 लाख मीट्रिक था, जो कि अब 15.14 लाख मीट्रिक टन हो गया है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार के पिछले लगभग पांच वर्षों के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि हिमकेयर योजना, सहारा योजना, गृहिणी सुविधा योजना, मुख्यमंत्री स्वाबलंबन योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना इत्यादि योजनाआें ने प्रत्येक जरूरतमंद परिवार की मदद की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने ‘जहां गरीब, वहां सरकार’ के ध्येय से कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान करने के लिए 1300 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जा रही है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं एक किसान परिवार से हैं और आम आदमी की जरूरतों और आकांक्षाआें को समझते हैं। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि राज्य में कई वर्षों तक सत्ता में रहने वाले नेताओं ने समाज के कमजोर वर्गों की मदद के लिए एेसी कल्याणकारी योजनाएं आरम्भ करने के बारे में कभी ध्यान नहीं दिया। उन्होंने लोगों से मिशन रिपीट के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार को अपना भरपूर सहयोग देने का आग्रह किया। उन्होंने राज्य के लोगों का कोविड-19 महामारी के दौरान उनके सहयोग और समर्थन के लिए भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके समर्थन से ही राज्य ने देश में कोविड-19 के खिलाफ पात्र लोगों को पहली और दूसरी टीकाकरण की मुफ्त खुराक प्रदान करने में अग्रणी भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने तहसील रामपुर ग्राम पंचायत चंडी बरांडा में 1.28 करोड़ रुपये लागत की बहाव जलापूर्ति योजना चंडी बरांडा, तहसील ननखड़ी के तहत ग्राम पंचायत जाहू और खुन्नी पनोली के विभिन्न बस्तियों के लिए 1.83 करोड़ रुपये लागत की बहाव जलापूर्ति योजना का लोकार्पण किया। उन्होंने 1.61 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत तकलेच में सयरला, केतु, बटकी और तकलेच जलापूर्ति योजना, तहसील रामपुर की ग्राम पंचायत काशापाट में 86 लाख रुपये लागत की जलापूर्ति योजना कांडीपाट, 1.02 करोड़ रुपये की लागत से जल शक्ति अनुभाग गाहन चरण एक में ग्राम पंचायत आडु, गाहन, जाहू, खुन्नी, पनोली, खड़ाहन के लोगों को घरेलू कनेक्शन प्रदान करने, 3$24 करोड़ रुपये की लागत से हेलीपोर्ट रामपुर और तहसील रामपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन लालसा का लोकार्पण किया।


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