Monday, April 13, 2026

मुख्यमंत्री ने पालमपुर में 42 करोड़ लागत की 17 विकासात्मक परियोजनाओं  के लोकार्पण व शिलान्यास किए

हिमाचल आजकल

शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को कांगड़ा जिला के पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए पालमपुर में लगभग 42 करोड़ रुपये लागत की 17 विकासात्मक परियोजनाओं  के लोकार्पण और शिलान्यास किये। इस अवसर पर पालमपुर के शहीद कैप्टन विक्रम बतरा ग्राउंड में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष प्रत्येक भारतीय और विशेष रूप से प्रत्येक हिमाचली के लिए एेतिहासिक है, क्योंकि जहां राष्ट्र अपनी स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, वहीं हिमाचल प्रदेश अपने अस्तित्व के 75 वर्ष मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देश का सबसे प्रगतिशील राज्य बनाने में प्रत्येक व्यक्ति ने अपना बहुमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के विकास में प्रत्येक योगदानकर्ता के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश भर में 75 कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेशवासियों के योगदान के बारे में युवा पीढ़ी को शिक्षित व जागरूक किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने 75 वर्षों में विकास के सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा कि ड$ वाई$एस$ परमार, रामलाल ठाकुर, शांता कुमार, वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल सहित सभी मुख्यमंत्रियों ने राज्य के विकास में अपना बहुमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अभूतपूर्व विकास का सबसे बड़ा श्रेय प्रदेश की मेहनतकश और ईमानदार जनता को जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य के गठन के समय साक्षरता दर 4$8 प्रतिशत थी, जबकि वर्तमान में साक्षरता दर 83 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार वर्ष 1948 में राज्य में केवल 228 किलोमीटर सडक़ें थीं और वर्तमान में राज्य में लगभग 40,000 किलोमीटर सडक़ों का जाल बिछ चुका है। उन्होंने कहा कि दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा 60,000 करोड़ रुपये की  राशि से प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना (पीएमजीएसवाई) शुरू की गई थी। इस योजना के तहत राज्य में लगभग 51 प्रतिशत सडक़ों का निर्माण किया गया है, जिससे राज्य के विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के समक्ष कोरोना महामारी से प्रदेश को उबारने के साथ ही प्रदेश के विकास को निर्बाध जारी रखने की चुनौती थी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान राष्ट्रीय नेतृत्व ने सुनिश्चित किया कि देश में महामारी के दौरान कोई भी भोजन, मास्क, सैनिटाइजर और अन्य आवश्यक वस्तुआें से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने न केवल देश के वैज्ञानिकों को इस वायरस के खिलाफ स्वदेशी टीका विकसित करने के लिए प्रेरित किया, बल्कि विश्व के सबसे बड़े नि:शुल्क टीकाकरण अभियान का भी सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि यह इतिहास में दर्ज हो गया है कि महामारी के दौरान एक सशक्त नेतृत्व ने देश को संकटकाल में सफलतापूर्वक बाहर निकाला।

उन्होंने कहा कि हिमकेयर, मुख्यमंत्री सहारा योजना, मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना, मुख्यमंत्री स्वाबलंबन योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना इत्यादि अनेक योजनाआें से जरूरतमंद परिवार लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन में काफी वृद्घि की गई है और बिना आय सीमा के वृद्घावस्था पेंशन प्राप्त करने के लिए आयु सीमा को पहले 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष किया गया और अब इसे घटाकर 60 वर्ष कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान करने पर वर्तमान राज्य सरकार द्वारा 1300 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई है, जबकि पिछली सरकार ने मात्र 400 करोड़ रुपये की राशि व्यय की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाआें को न केवल हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में किराए में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की, बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं  को 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जल उपभोक्ताओं  को नि:शुल्क पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि कांग्रेस पार्टी के नेता सत्ता में आने पर अब मुफ्त बिजली प्रदान करने की गारंटी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक दल जिसकी अपनी गारंटी नहीं है, वह किस आधार से दस गारंटी का वायदा कर रहा है उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार को जन्म दिवस की भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने 12 सितम्बर को ही अपना 88वां जन्मदिन मनाया।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने 4.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित लाहला-हंगलो-चचियां सड़क, 1.12 करोड़ रुपये से बगोड़ा-भगोटला सड़क के उन्नयन, 61 लाख रुपये लागत की कलूंद-भलेहड़ सड़क, 81 लाख रुपये लागत की डाढ़ उपरिया-डाढ़ झिकली सड़क, 3.91 करोड़ रुपये की न्यूगल पुल-लटवाला सड़क, 1.51 करोड़ रुपये की घार-दत्तल सड़क, 1.68 करोड़ रुपये लागत की घुग्गर-नछीर सड़क, 1.15 करोड़ रुपये की खिलड़ू-भड़ूंन सड़क, 1.64 करोड़ रुपये की पट्टी-रठान सड़क, 4.22 करोड़ रुपये लागत की पालमपुर-लोहना लंघा सड़क, 1.94 करोड़ रुपये की बंदला-सुरडी सड़क, 2.94 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चांदपुर-स्पेड़ू-कंडबाड़ी सड़क और पालमपुर में लगभग 7.79 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सोमकुंज सर्किट हाउस का उदघाटन किया। उन्होंने पालमपुर में नए खंड विकास अधिकारी कार्यालय तथा मतेहड़ (बनूरी) में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र का शुभारंभ भी किया। 

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार के आग्रह पर अब केंद्र सरकार द्वारा नाबार्ड सडक़ों और पुलों के अतिरिक्त रोप-वे के लिए भी फंड प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रदेश के लिए पर्वतमाला योजना के अन्तर्गत 1200 करोड़ रुपये की रोप-वे परियोजनाओं  को केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी प्रदान की गई है। इसमें पालमपुर से धौलाधार के चुन्जा ग्लेशियर का लगभग 600 करोड़ रुपये का 13.5 किलोमीटर लंबा रोप-वे शामिल है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में पर्यटन विकास को काफी बढ़ावा मिलेगा।

पालमपुर में हुए विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने इस विधानसभा क्षेत्र के लिए लोक निर्माण विभाग के माध्यम से अब तक 160 करोड़ रुपये व्यय किए हैं, जबकि पिछली सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान 85 करोड़ रुपये व्यय किए थे। उन्होंने कहा कि इस दौरान विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न जलापूर्ति परियोजनाओं  पर 100 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सभी क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा रहा है चाहे इसका प्रतिनिधित्व एक विपक्षी विधायक द्वारा किया जा रहा हो।

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