बागवान सेब के विदेशी पौधों को दे रहे पहली प्राथमिकता
हिमाचल आजकल
शिमला। प्रदेश में पिछले दिनों बर्फबारी होने के बाद बागवानों ने सेब के नएए पौधों की रोपाई का काम शुरू कर दिया है। इस बार सेब के नए पौधों के लिए बागवानी विभाग के पास काफी ज्यादा डिमांड पहुंच रही है। प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बागवान फरवरी के और मार्च महीने में सेब के नए पौधों की रोपाई का काम करते है। प्रदेश बागवानी विभाग ने अब तक करीब 4 लाख सेब की विभिन्न किस्मों के पौधें बागवानों को वितरित कर दिए है।
हिमाचल में सेब के उत्पादन का क्षेत्र बढ़ रहा है। बागवानों द्वारा हर साल बागीचों में सेब के लाखों पौधें लगाए जा रहे है। हिमाचल में पिछले कुछ सालों से बागवानों को रुझान विदेशी सेब की बोर बढ़ा है। बागवानी हर साल कई देशों से सेब की विभिन्न किस्स्मों के पौधों को आयात कर रह है। जबकि प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बागवाना अभी रॉयल वैरायटी के सेब को प्राथमिकता दे रहे है। इस बार बागवानों को करीब 2.50 लाख विदेशी सेब के पौधों वितरित किए जा चके है। जबकि बागवानी विभाग द्वारा तैयार किए गए सेब के करीब 1.50 लाख पौधों का भी बागवानों को अवंटित किया गया है। इस बार विदेशों से आयात किए गए सेब के पौधों की कीमत करीब 400 रुपए है। जबकि बागवानी द्वारा तैयार किए गए सेब के पौधों की कीमत 100 से लेकर 150 रुपए तक है। वहीं अभी भी बागवाना सेब के पौधों के लिए बागवानी विभाग के पास अपनी डिमांड दे रहे है। अगले कुछ और दिनों तक बागवानी विभाग बागवानों को सेब के पौधों वितरित करेगा। उधर, बागवानी विभाग के संयुक्त निदेशक सुभाष चंद का कहना है कि बागवानों कोि डिमांड के मुताबिक सेब के पौधे उपलबध करवाए जा रहे है। बागवान सेब के विदेशी पौधों की ज्यादा डिमांड कर रहे है। उनका कहना है कि अब तक करीब चार लाख सेब की विभिन्न किस्मों के पौधेें बागवानों को आवंटित कर दिए गए है। फरवरी महीने में भी बागवानों को सेब के पौधें वितरित करने का काम जारी रहेगा।
इस बार सेब के पौधों की डिमांड ज्यादा, बागवानों ने की 4 लाख सेब के पौधों की खरीद
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