Sunday, January 11, 2026

शिक्षा विभाग: हिमाचल में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी सीखेंगे आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 30 Oct 2021 08:31 AM IST

सार

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सीखेंगे। इसके लिए रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।  इसके लिए शिक्षा विभाग ने 50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। । केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय नवंबर में स्टार्स प्रोजेक्ट की सप्लीमेंटरी पीएबी (प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड) होगी। 

विद्यार्थी( फाइल)
– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सीखेंगे। इसके लिए रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। विद्यार्थियों को कोडिंग पढ़ाने का काम भी किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने 50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय नवंबर में स्टार्स प्रोजेक्ट की सप्लीमेंटरी पीएबी (प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड) होगी। इस बैठक में प्रदेश शिक्षा विभाग की ओर से केंद्रीय मंत्रालय के समक्ष प्रस्ताव रखा जाएगा। बीते दिनों हुई प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में 44 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हुआ है। स्टार्स प्रोजेक्ट में देश के छह राज्यों में हिमाचल प्रदेश को भी शामिल किया गया है।सरकारी स्कूलों को लेकर धारणा रही है कि वह पुराने तौर तरीकों से ही चलते हैं। इस कारण अभिभावक भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाना पसंद नहीं करते।

इस धारणा को समाप्त करने के अब शिक्षा विभाग एक नया प्रयोग करने जा रहा है। इसके तहत स्कूलों में रोबोटिक तकनीक को बढ़ावा दिया जाएगा। विद्यार्थियों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बढ़ाने के लिए उनके बेसिक क्लीयर किए जाएंगे। पाठ्यक्रम को रोचक और सरल बनाने के लिए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। मशीनें किस तरह से काम करती हैं, इनमें बदलाव कैसे हो सकता है। मशीनों में कौन सा पुर्जा कैसे काम करता है। आधुनिक तकनीकें कैसे काम करती हैं। इन सब का ज्ञान विद्यार्थियों को दिया जाएगा। इसके अलावा कंप्यूटर प्रोग्राम तैयार करने के लिए विद्यार्थियों को कोडिंग की शिक्षा भी देने की योजना है। स्टार्स प्रोजेक्ट विश्व बैंक के सौजन्य से भारत सरकार द्वारा देश के छह राज्यों में चलाया जा रहा है। इसमें हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल, उड़ीसा, महाराष्ट्र और राजस्थान हैं।

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सीखेंगे। इसके लिए रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। विद्यार्थियों को कोडिंग पढ़ाने का काम भी किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने 50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय नवंबर में स्टार्स प्रोजेक्ट की सप्लीमेंटरी पीएबी (प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड) होगी। इस बैठक में प्रदेश शिक्षा विभाग की ओर से केंद्रीय मंत्रालय के समक्ष प्रस्ताव रखा जाएगा। बीते दिनों हुई प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में 44 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हुआ है। स्टार्स प्रोजेक्ट में देश के छह राज्यों में हिमाचल प्रदेश को भी शामिल किया गया है।सरकारी स्कूलों को लेकर धारणा रही है कि वह पुराने तौर तरीकों से ही चलते हैं। इस कारण अभिभावक भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाना पसंद नहीं करते।

इस धारणा को समाप्त करने के अब शिक्षा विभाग एक नया प्रयोग करने जा रहा है। इसके तहत स्कूलों में रोबोटिक तकनीक को बढ़ावा दिया जाएगा। विद्यार्थियों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बढ़ाने के लिए उनके बेसिक क्लीयर किए जाएंगे। पाठ्यक्रम को रोचक और सरल बनाने के लिए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। मशीनें किस तरह से काम करती हैं, इनमें बदलाव कैसे हो सकता है। मशीनों में कौन सा पुर्जा कैसे काम करता है। आधुनिक तकनीकें कैसे काम करती हैं। इन सब का ज्ञान विद्यार्थियों को दिया जाएगा। इसके अलावा कंप्यूटर प्रोग्राम तैयार करने के लिए विद्यार्थियों को कोडिंग की शिक्षा भी देने की योजना है। स्टार्स प्रोजेक्ट विश्व बैंक के सौजन्य से भारत सरकार द्वारा देश के छह राज्यों में चलाया जा रहा है। इसमें हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल, उड़ीसा, महाराष्ट्र और राजस्थान हैं।

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