Sunday, January 11, 2026

आपदा में केंद्र से मिले 2000 करोड़, प्रदेश सरकार ने खर्च किए सिर्फ 1820 करोड़: रणधीर शर्मा

केंद्र प्रोजेक्ट, जनकल्याणकारी योजनाआें में रोड़ा अटका रही कांग्रेस सरकार
हिमाचल आजकल
शिमला। भाजपा के विधायक मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा आने पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री और सभी मंत्री अपनी पीठ थपथपाने से पीछे नहीं हटते, लेकिन सच्चाई यह है कि आपदा राहत के लिए केंद्र सरकार ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के माध्यम से प्रदेश का अलग अलग किश्तों में 1782 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता की, लेकिन प्रदेश सरकार ने हिमाचल की जनता से 252 करोड़ रुपए आपदा राहत कोष के नाम पर भी जमा किए, लेकिन अभी तक हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने 1820 करोड़ रुपए ही खर्च किए है। केंद्र सरकार से आई राहत राशि और जनता से इकट्ठा किया गया धन भी पूरा खर्च नहीं कर पाई।
उन्होंने कहा कि 7 लाख रुपए मकान बनाने की घोषणा करने वालों ने अभीतक जनता को 3 लाख रुपए ही इस सरकार ने दिए, जिन लोगों की पूरी जमीन बर्बाद हो गई उनको नई जमीर देने का वायदा करके भी अभीतक किसी को जमीन नहीं दी, किराये के मकान का किराया देने वालों के साथ वायदा करके किसी को कराया नहीं दिया जा रहा है और जो राहत राशि प्रभावितों को दी गई उसमें भी भाई-भतिजावाद और भ्रष्ट्राचार हो रहा है।

रणधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार ने अपने इस कार्यकाल में केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश में शुरू किए गए विकास कार्यों और प्रोजेक्टों में रोड़ा अटकाने का काम किया जा रहा हैं। उन्होंने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में केंद्र सरकार के प्रयास से कार्यरत भान्नुपली रेलवे निर्माणाधीन है। केंद्र सरकार ने इस रेलवे निर्माण के लिए 4938 करोड़ रुपए खर्च किए हैं और ये रेलवे लाइन 75:25 की औसत में काम करने के लिए प्रस्तावित हैं, इस रेलवे लाइन के लिए जमीन प्रदेश सरकार ने उपलब्ध करवानी है, लेकिन जब से कांग्रेस की सरकार हिमाचल प्रदेश में आई तब से अपने हिस्से का पैसा नहीं दे रही है। पिछली भाजपा की हिमाचल की सरकार ने 800 करोड़ रुपए लगभग देनदारी अदा की थी, परंतु इस कांग्रेस सरकार के समय एक भी पैसा नहीं देने के कारण अब यह देनदारी 1243 करोड़ पहुंच गई है जिसके कारण केंद्र सरकार विचार कर रही है कि इस पर निर्माण कार्य आगे शुरू रखा जाए या नहीं रखा जाए।

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