Wednesday, November 4, 2026

हिमाचल में अफसरों की फौज नहीं, योजनाओं को जमीन पर उतारने वाले अधिकारी चाहिए : सुक्खू


प्रियंका गांधी का मंडी दौरा सिर्फ स्कूली बच्चों से मिलने के लिए नहीं होगी कोई राजनीतिक जनसभा: मुख्यमंत्री

हिमाचल आजकल

शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश को बड़े अफसरों की फौज की नहीं, बल्कि योजनाओं को धरातल पर उतारने वाले अधिकारियों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के स्वीकृत पदों की संख्या 153 से घटाकर 130 करने जा रही है। इसी प्रकार भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों के 118 पदों को घटाकर 83 किया जाएगा, जबकि भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के 96 पदों की संख्या में भी कमी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का काम 100 से 110 IAS अधिकारियों से भी चल सकता है, लेकिन अधिकारियों के सुझाव पर इनकी संख्या 130 रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि एक IAS अधिकारी पर लगभग 200 करोड़ रुपये का खर्च आता है, इसलिए संसाधनों का बेहतर उपयोग जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जो अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना चाहते हैं, सरकार उन्हें नहीं रोक रही है और उनकी फाइलों को भी शीघ्र मंजूरी दी जा रही है। अधिकारियों को भी स्थिति की समझ है और वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आगे आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) में भी अधिकारियों की संख्या कम की जाएगी।
मंडी में 18 अगस्त को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के एक दिवसीय दौरे को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा राजनीतिक नहीं है। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान प्रियंका गांधी मंडी आई थीं और उन्होंने एक स्कूल के निर्माण का वादा किया था। उसी वादे को पूरा करने के लिए वह मंडी आ रही हैं और स्कूल के बच्चों से मुलाकात करेंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि सितंबर माह में सोलन में होने वाली एक राजनीतिक जनसभा में भी प्रियंका गांधी के आने का कार्यक्रम है।

विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रख रही है और चरणबद्ध तरीके से उन्हें लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर को पहले अपने कार्यकाल पर नजर डालनी चाहिए, जब वे प्रदेश पर करोड़ों रुपये की देनदारियां छोड़ गए थे।

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