Saturday, October 31, 2026

148 सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू

हिमाचल आजकल

शिमला। निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के अनुरूप हिमाचल प्रदेश के 148 सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड आज से लागू कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों में अनुशासन, पेशेवर पहचान और संस्थागत गरिमा को बढ़ावा देना तथा विद्यालयों में अधिक व्यवस्थित एवं पेशेवर शिक्षण वातावरण तैयार करना है। ड्रेस कोड तैयार करते समय शिक्षकों की व्यावसायिक आवश्यकताओं के साथ-साथ प्रदेश की जलवायु परिस्थितियों का भी ध्यान रखा गया है। निर्धारित रंगों में ‘हल्का लाइलैक, लाइलैक पर्पल और नेवी ब्लू’ शामिल हैं, जबकि जूते तथा निर्धारित अन्य एक्सेसरीज के लिए ‘काला रंग’ तय किया गया है।
महिला शिक्षकों के लिए निर्धारित परिधान में ‘ब्लेजर के साथ साड़ी, कुरता व कमीज के साथ पैंट, प्लाज़ो या सलवार तथा टाई और ब्लेजर के साथ शर्ट-ट्राउजर’ शामिल हैं। वहीं, पुरुष शिक्षकों के लिए ‘शर्ट, ट्राउजर, टाई और ब्लेजर’ निर्धारित किया गया है। ड्यूटी के दौरान सभी शिक्षकों को पहचान पत्र पहनना अनिवार्य होगा। ब्लेजर पर संबंधित विद्यालय अथवा विभाग का निर्धारित लोगो भी प्रदर्शित किया जाएगा।
निदेशक ने बताया कि यह ड्रेस कोड सभी शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों पर लागू होगा, जिसमें आउटसोर्स आधार पर कार्यरत शिक्षक भी शामिल हैं। चिकित्सकीय आवश्यकता, दिव्यांगता अथवा गर्भावस्था की स्थिति में संस्थान के प्रमुख की अनुमति से निर्धारित ड्रेस कोड में आवश्यक छूट या उपयुक्त परिवर्तन किया जा सकेगा।
यह पहल राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे व्यापक शिक्षा सुधारों और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है। इन सुधारों के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाए जा रहे हैं, जिनमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समान अवसर, जवाबदेही और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है। इन प्रयासों से हिमाचल प्रदेश को शिक्षा सुधारों के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
राज्य सरकार आगामी शैक्षणिक सत्र से 100 नए सीबीएसई स्कूल खोलने की दिशा में कार्य कर रही है। वहीं, सीबीएसई स्कूलों में लगभग 2,000 शिक्षण पद पहले ही भरे जा चुके हैं। शिक्षकों की जवाबदेही और उपस्थिति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिन में तीन बार उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था भी शुरू की जा रही है।
राज्य सरकार द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए उनके सम्मान एवं पुरस्कार की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा रहा है। आगामी शैक्षणिक सत्र से सरकारी पीएम श्री स्कूलों में नामांकित विद्यार्थियों के अभिलेखों में श्रेणी का उल्लेख नहीं किया जाएगा। हालांकि, पात्र परिवारों को मौजूदा प्रावधानों के अनुसार सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता रहेगा।
राज्य सरकार की यह सभी पहल आधुनिक, समावेशी और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। इनका उद्देश्य शिक्षकों के पेशेवर मानकों को मजबूत करना, समान अवसर सुनिश्चित करना तथा विद्यार्थियों के बेहतर सीखने के परिणामों को बढ़ावा देना है।

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