हिमाचल आजकल
शिमला। सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा की प्रदेश सहकारिता विभाग कृषक उत्पादक संगठन (एफपीआे) के लिए विशेष नियम बनाएंगे जिस से किसी भी प्रकार दुविधा न रहे। उन्होंने कहा कि कृषक उत्पादक संगठन केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की योजना के तहत बनाये जा रहे हैं जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित अधोसंरचना का निर्माण और किसानों की आय में वृद्घि करना है।
उन्होंने शुक्रवार को शिमला में सहकारिता विभाग, नाबार्ड, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में कृषक उत्पादक संगठन बनाने को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 10 हजार नए एफपीआे बनाने की मंजूरी दी है। इसी कड़ी में प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष में सौ संगठन बनाने का फैसला लिया है। हर संगठन में कम से कम 100 किसान बागवान शामिल करना अनिवार्य रहेगा। प्रदेश में पहले से गठित करीब 40 सहकारी समितियों को एफपीआे के तौर पर परिवर्तित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह से हिमाचल में कृषक उत्पादक संगठन योजना के विस्तार के बारे में चर्चा हुई है। सितंबर माह में एक योजना बना कर प्रदेश ने एक वर्ष में 100 कृषक उत्पादक संगठन बनाने का लक्ष्य रखा था और पिछले एक महीने में 18 एफपीआे बनाये गए हैं। एक एफपीआे के माध्यम से काम से काम 100 किसान को जोड़ा जायेगा।
सुरेश भारद्वाज ने कहा कि अभी कुछ जिले इस योजना में सम्मिलित किये गए हैं। केंद्र सरकार से बाकी जिलों को भी इस योजना के तहत शामिल करने का आग्रह किया जायेगा।
उनहोंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में सहकारी क्षेत्रों में एफपीआे बनाने को लेकर बल दिया जायेगा और प्रदेश जल्द ही अपने लक्ष्य को पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि जो जिले नाबार्ड, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की लक्ष्य सूची में शामिल नहीं हुए हैं वहां भी एफपीआे बना कर षि कोष योजना के तहत लाभ प्रदान किया जायेगा।
केंद्र सरकार ने 10 हजार नए कृषक उत्पादक संगठन बनाने की मंजूरी दी: सुरेश भारद्वाज
Get in Touch


| All Rights Reserved | Website By :