Sunday, March 1, 2026

नरेश चौहान के सिर चढ़ा गौ सेवा का जुनून

हिमाचल आजकल

शिमला अपने जहन में गौ सेवा का जुनून लिए समाज में फैली कुरुतियों को दूर करने के जज्बे ने आज इस मुकाम तक पहुंचा दिया है। पेशे से एक निजी बैंक में नौकरी कर रहे नरेश चौहान को गौ सेवा का जुनून सिर चढ़कर बोल रहा है। वे दिन रात इन्हीं की सेवा में अपना समय व्यतीत कर रहे हैं।
शिमला ग्रामीण के कोहबाग में जन्मे नरेश चौहान का बचपन पशुओं के साथ गुजरा। बचपन से ही घर में पशुओं की सेवा करते थे। उनका गोबर उठाते। उन्हें नहलाते और जंगल में चराते।
चौहान ने जब होश संभाला तो उनकी नजर लावारिस गायों पर पड़ी। जो धूप और सर्दी में या तो सड़क पर अपना आशीयां बना लेती थी या फिर किसी वर्षा शालिका को। कई बार तो सड़क दुर्घटना का शिकार भी हो जाती थी। ऐसे में उन्होंने बीड़ा उठाया कि लावारिस पहाड़ी गायों को आश्रय देंगे। इसी के चलते उन्हें ब्रीड सेवियर अवार्ड से सम्मानित किया गया।

Get in Touch

  1. Excellent achievement by Naresh Chauhan. Your knowledge and devotion to local breed of cows is an example that should be followed by many more. Best Wishes for such noble acts.

    I personally appreciate ‘Himachal Aajakal’ to print such positive, developmental and people-oriented news. Always looking forward to more such news items from you. Thanks-Dr D K Sadana

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related Articles