हिमाचल आजकल
शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार श्रमिकों और श्रमिक वर्ग के कल्याण और उत्थान के लिए प्रतिबद्घ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले लगभग चार वर्षों के दौरान दिहाड़ीदारों की न्यूनतम दिहाड़ी को 210 से बढ़ाकर 300 रुपए प्रति दिन किया है जिससे उनके मासिक मजदूरी में 2700 रुपए की वृद्घि हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक इकाईयों में कार्यरत श्रमिकों को पर्याप्त मजदूरी प्रदान करना सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी दिहाड़ीदारों को साप्ताहिक अवकाश दिया जा रहा है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताआें ने उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उनके परिश्रम और समर्पण के फलस्वरूप ही हिमाचल प्रदेश शत प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने मेें देश का पहला राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले चार वर्षों के दौरान आशा कार्यकर्ताआें के मानदेय में 1,750 रुपए की वृद्घि की है। प्रदेश सरकार ने पिछले चार वर्षों के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताआें के मानदेय में 2,850 रुपए प्रतिमाह की वृद्घि की है और आज वे प्रतिमाह 7300 रुपए प्राप्त कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड और निगमों की सेवा समिति की नियमित बैठकें आयोजित करवाई जाएगी ताकि कर्मचारियों से संबंधित लंबित मामलों का समाधान किया जा सके। सीमेंट प्लांट प्रबंधन द्वारा श्रमिकों का शोषण रोकने के लिए प्रदेश सरकार आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि कॉन्ट्रेक्टर के माध्यम से सीमेंट प्लांट और अन्य औद्योगिक इकाइयों में कोर सेवाआें की अनुमति प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण प्रदेश के लगभग दो साल प्रभावित हुए हैं इस दौरान प्रदेश सरकार ने श्रमिकों का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं ताकि उन्हें किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से बाहर निकलने में प्रदेश सरकार का सहयोग करने में बीएमएस ने महवपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि बीएमएस की सभी जायज मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाएगा और उनकी समस्याआें के शीघ्र समाधान के लिए कदम उठाए जाएंगे। हाल ही में आयोजित हुई जेसीसी की बैठक में कर्मचारी एवं श्रमिक वर्ग की समस्याआें के समाधान के लिए कई कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अगले बजट सत्र से पूर्वबीएमएसकी बैठक शीघ्र आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की काफी समय से लम्बित समस्याआें के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पीस मील श्रमिकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताआें और अन्य श्रेणियों के मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों से संबंधित उनके द्वारा की गई घोषणाआें को शीघ्र क्रियान्वित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में जूनियर टी-मेट के पदनाम को समाप्त कर इसे बदलकर टी-मेट कर दिया जाएगा।


| All Rights Reserved | Website By :