Sunday, January 11, 2026

नर्सिंग संस्थानों पर शिकंजा: एक हफ्ते में एनओसी और सीटों का ब्योरा मांगा

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 30 Oct 2021 08:38 AM IST

सार

 हिमाचल प्रदेश में सभी 48 निजी संस्थानों से अस्पतालों से संबंध विद्यार्थियों का ब्योरा तलब किया गया है। एक सप्ताह में एनओसी जमा करवाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा कुल मंजूर सीटों और रिक्त सीटों की जानकारी भी मांगी गई है।

हिमाचल निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग
– फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

एनओसी लेने में फर्जीवाड़ा करने की शिकायतें मिलने के बाद राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने नर्सिंग संस्थानों पर शिकंजा कस दिया है। सभी 48 निजी संस्थानों से अस्पतालों से संबंध विद्यार्थियों का ब्योरा तलब किया गया है। एक सप्ताह में एनओसी जमा करवाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा कुल मंजूर सीटों और रिक्त सीटों की जानकारी भी मांगी गई है। विनियामक आयोग ने मामले की जांच को कमेटियां भी गठित कर दी हैं। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि नर्सिंग संस्थानों से जानकारी एकत्र करने के बाद सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

शुक्रवार को विनियामक आयोग की ओर से सभी नर्सिंग संस्थानों को जारी पत्र में पूछा गया है कि उनके संस्थान में पढ़ने वाले कितने विद्यार्थी किस अस्पताल से संबंध है। विस्तार से इसकी जानकारी दी जाए। सरकार से मंजूर कुल सीटों को रिक्त चल रही सीटों का ब्यौरा भी दिया जाए। इसके अलावा 150 बिस्तरों के अस्पतालों से संबंध बताकर प्राप्त की गई एनओसी की कॉपी भी आयोग में जमा करवाई जाए। यह सभी जानकारियां एक सप्ताह के भीतर देने को कहा गया है।

बता दें कि विनियामक आयोग के पास पहुंची शिकायतों में बताया गया है कि भारत सरकार के नियमानुसार नर्सिंग संस्थानों को एनओसी तभी मिल सकती है, जब उनके पास 150 बिस्तरों का अस्पताल हो। प्रदेश में 20 से 40 बिस्तरों के अस्पतालों और प्राइमरी हेल्थ सेंटर से जुड़े संस्थानों को भी एनओसी जारी की गई हैं। विद्यार्थी और मरीजों का 1:3 अनुपात होना अनिवार्य है, लेकिन इसकी भी अनदेखी की गई है। कई संस्थानों ने तीन से चार निजी अस्पतालों से खुद को संबद्ध बताते हुए 150 बिस्तरों की संख्या दिखाते हुए नियमों को पूरा किया है। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों से कई नर्सिंग संस्थानों ने स्वयं को जोड़ा बताया है। शिकायत के मुताबिक इस तरह के हथकंडे अपनाकर नर्सिंग संस्थान विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।

विस्तार

एनओसी लेने में फर्जीवाड़ा करने की शिकायतें मिलने के बाद राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने नर्सिंग संस्थानों पर शिकंजा कस दिया है। सभी 48 निजी संस्थानों से अस्पतालों से संबंध विद्यार्थियों का ब्योरा तलब किया गया है। एक सप्ताह में एनओसी जमा करवाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा कुल मंजूर सीटों और रिक्त सीटों की जानकारी भी मांगी गई है। विनियामक आयोग ने मामले की जांच को कमेटियां भी गठित कर दी हैं। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि नर्सिंग संस्थानों से जानकारी एकत्र करने के बाद सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

शुक्रवार को विनियामक आयोग की ओर से सभी नर्सिंग संस्थानों को जारी पत्र में पूछा गया है कि उनके संस्थान में पढ़ने वाले कितने विद्यार्थी किस अस्पताल से संबंध है। विस्तार से इसकी जानकारी दी जाए। सरकार से मंजूर कुल सीटों को रिक्त चल रही सीटों का ब्यौरा भी दिया जाए। इसके अलावा 150 बिस्तरों के अस्पतालों से संबंध बताकर प्राप्त की गई एनओसी की कॉपी भी आयोग में जमा करवाई जाए। यह सभी जानकारियां एक सप्ताह के भीतर देने को कहा गया है।

बता दें कि विनियामक आयोग के पास पहुंची शिकायतों में बताया गया है कि भारत सरकार के नियमानुसार नर्सिंग संस्थानों को एनओसी तभी मिल सकती है, जब उनके पास 150 बिस्तरों का अस्पताल हो। प्रदेश में 20 से 40 बिस्तरों के अस्पतालों और प्राइमरी हेल्थ सेंटर से जुड़े संस्थानों को भी एनओसी जारी की गई हैं। विद्यार्थी और मरीजों का 1:3 अनुपात होना अनिवार्य है, लेकिन इसकी भी अनदेखी की गई है। कई संस्थानों ने तीन से चार निजी अस्पतालों से खुद को संबद्ध बताते हुए 150 बिस्तरों की संख्या दिखाते हुए नियमों को पूरा किया है। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों से कई नर्सिंग संस्थानों ने स्वयं को जोड़ा बताया है। शिकायत के मुताबिक इस तरह के हथकंडे अपनाकर नर्सिंग संस्थान विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।

Source link

Get in Touch

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related Articles