प्रदेश की कठिन वित्तीय परिस्थियों के बाद भी शिक्षा को प्राथमिकता
हिमाचल आजकल
शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने 1947 से लेकर शिक्षा के क्षेत्र में लम्बा सफर तय किया है। जहां पहले प्रदेश की साक्षरता दर केवल 7 प्रतिशत थी वहीं आज प्रदेश की साक्षरता दर 99.30 प्रतिशत है जोकि इस पहाड़ी प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कठिन वित्तीय परिस्थियों के बीच भी प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा विभाग के लिए लगभग 9666 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है जोकि कुल बजट का करीब 18 प्रतिशत है ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों को प्राप्त हो।
रोहित ठाकुर आज ठियोग विधानसभा क्षेत्र के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सरोग में नव-निर्मित पुस्तकालय का उद्घाटन कर जनता को समर्पित किया। इस दौरान ठियोग विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुलदीप सिंह राठौर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

ठियोग को मिले 4 सीबीएसई स्कूल
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 151 सीबीएसई स्कूल दिए गए हैं जिसमें ठियोग के चार सीबीएसई स्कूल ठियोग, कुमारसैन, मतियाना और सैंज स्कूल शामिल हैं। शिक्षा मंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सरोग में कॉमर्स सब्जेक्ट शुरू करने की घोषणा की।
ठियोग विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने शिक्षा मंत्री का स्वागत किया और उन्हें क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से अवगत करवाया। उन्होंने ठियोग विधानसभा क्षेत्र में चार सीबीएसई स्कूल देने के लिए शिक्षा मंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन पर 12 33 करोड़ खर्च
उन्होंने बताया कि 27 मार्च को 66 केवी प्रगतिनगर -हुल्ली डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन के दोनों सर्किट सफलतापूर्वक कमीशन कर दिए गए हैं जिस पर 12 करोड़ 33 लाख रुपए खर्च हुए हैं। इस नई लाइन के माध्यम से 66/22 केवी उप केंद्र हुल्ली (कोटखाई) 66/22/11 केवी उपकेंद्र सैंज (ठियोग) और 66/22 केवी उपकेंद्र लस्ताधार (चौपाल) को विद्युत आपूर्ति शुरू कर दी गई है। नई ट्रांसमिशन लाइन से नेटवर्क में विद्युत भार का बेहतर वितरण संभव होगा, 2 करोड़ से बनने वाले स्टाफ क्वार्टर टाइप-2 का किया शिलान्यास किया। इसके बाद शिक्षा मंत्री कोटखाई पहुंचे जहां उन्होंने 2 करोड़ रुपए से बनने वाले लोक निर्माण विभाग के 6 स्टाफ क्वार्टर टाइप-2 का शिलान्यास किया।
11वीं और 12 वीं में वों पढ़ाया जायेगा बागवानी
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों में 11वीं और 12वीं कक्षाओं में बागवानी को एक वोकेशनल विषय के रूप में पढ़ाया जायेगा और शोध और अनुसन्धान पर जाकर दिया जाएगा।


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