धन्यवाद,वीरभद्र सिंह ने 1996 में शुरू की थी हक की लड़ाई, हर साल प्रदेश को होगा 400 करोड़ का फायदा
हिमाचल आजकल
शिमला। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में हिमाचल प्रदेश के बिजली के बकाया हिस्से को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले को प्रदेश सरकार ने हिमाचल की बड़ी जीत करार दिया है। कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि हिमाचल ने अपने हक की लंबी लड़ाई जीती है। अब प्रदेश सरकार चंडीगढ़ में हिमाचल की 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी के दावे को भी मजबूती से उठाएगी।
कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बीबीएमबी के मामले में इस लड़ाई की शुरुआत वर्ष 1996 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने की थी। सोनिया गांधी के सहयोग से हिमाचल के अधिकारों की इस लड़ाई को आगे बढ़ाया गया। करीब चार दशक से चल रही इस कानूनी लड़ाई में मामला हिमाचल हाईकोर्ट से लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 में भी इस मामले में ऐतिहासिक फैसला आया था।
वे शुक्रवार को शिमला में मीडिया से बात कर रहे थे।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हिमाचल को 11,973 मिलियन यूनिट बिजली अगले 20 वर्षों तक मिलती रहेगी। इससे प्रदेश को हर साल करीब 400 करोड़ रुपए का आर्थिक लाभ होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक लाभ की लड़ाई नहीं थी, बल्कि हिमाचल के संवैधानिक और सैद्धांतिक अधिकारों की लड़ाई थी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी इस जीत के लिए बधाई के पात्र हैं।
उन्होंने कहा कि बीबीएमबी के गठन के कारण आज भी हिमाचल को अपने ही प्रदेश में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सड़कों और पुलों के निर्माण जैसे कार्यों के लिए भी बीबीएमबी से मंजूरी लेनी पड़ती है।


| All Rights Reserved | Website By :