हिमाचल आजकल
शिमला। सूबे में खाद का संकट गहराता जा रहा है। बागवानों खाद को लेकरखासे परेशान है। सरकारी उपक्रम हिमफैड में गोदमों में खाद की भारी कमीहै। सेब सीजन खत्म होने के बाद बागवान अपने बागीचों में खाद डालने का काम श्याुरू करते है। इसके अलावा किसानों को भी फसलों की बिजाई के लिए खादकी जरूरत रहती है।पिछले लंंबे समय से प्रदेश में खाद की भारी कमी हो रही है। खाद बनानेवाली कंपनियों से खाद की सप्लाई नहीं हो रही है। हालांकि प्रदेश सरकार नेगुजरात, मुबई और इफकों कंपनी से खाद आर्डर दिया है। लेकिन कंपनियों खादका आर्डर पूरा नहीं कर पा रही है। इस समय 12:32: 16 और 15:15:15 खादज्यादा डिमांड रहती है। बागवान सेब के बागीचों में इन खादों की ज्यादाइस्तेमाल करते है। सरकार ने कंपनियों को करीब 26 हजार मीट्रिक टन12:32:16 खाद का आर्डर दिया है। इसके अलावा बागवानों को पर्याप्तमात्रा में यूरिया खाद भी नहीं मिल रही है। सरकारी उपक्रम हिमफैडबागवानों को खाद उपलब्ध करवाता है। लेकिन पिछले कई दिनों से बागवानहिमफैड के गोदामों के चक्क्कर काटने का मजबूर है। बागवान अब सरकार से समयपर खाद उपलब्ध करवाने की गुहार लगा रहे है।उधर, हिमफैड के अध्यक्ष गणेश दत्त का कहना है कि पिछले कई दिनों से खादकी सप्लाई नहीं हो रही है। कंपनियों को खाद का आर्डर दे दिया है। परआर्डर के मुताबिक खाद नहीं मिल रही है। अगले कुछ दिनों में हिमफैड केगोदामों में खाद पहुंचने की उम्मीद है। उनका कहना है कि चीन से कच्चा मालपर्याप्त मात्रा में भारत नहीं बा रहा है। यही वजह है कि खाद के उत्पादनमें कमी आई है। अगले दो दिनों में हिमफैड गोदाम में 12:32:16खाद की खेपपहुंच जाएगी। खाद को लेकर बार-बार कंपनियों से बात की जा रही है।


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