हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल में खाद की सप्लाई पहुंचने लगी है। प्रदेश सरकार ने खादतैयार करने वाली कंपनियों को खाद की सप्लाई में तेजी लाने को कहा है।सरकारी उपक्रम हिमफैड के पास करीब 4500 मीट्रिक टन खाद की डिमांड आई है। सूबे में अभी भी खाद का संकट बरकरार है। प्रदेश सरकार की तमाम कोशिश के करीब 1200 मीट्रिक टन 12:32:16 खाद कीसप्लाई पहुंच गई है। इस खाद को हिमफैड और अन्य डिपुओं में भेजा जा रहाहै। जबकि 2200 मीट्रिक टन 15:15:15 खाद की खेप भी अगले दो दिनों मेंहिमाचल पहुंच रही है। इसके अलावा करीब 4500 मीट्रिक टन खाद भी हिमफैड केपास पहुंच गई है। हिमाचल में पिछले कई दिनों से खाद का संकट गहरानेलगा है। समय पर खाद न मिलने बागवान -किसान खासे परेशान है। प्रदेश सरकारखाद उपलब्ध कराने के लिए अपने स्तर पर लगतार प्रयास कर रही है। बताया जारहा है कि कंपनियों के पास कच्चे माल की कमी के चलते पर्याप्त मात्रा मेंखाद का उत्पादन नहीं हो पा रहा है। लिहाजा प्रदेश में खाद के लिएबागवानों व किसानों को हिमफैड के गोदामों के चक्कर काटने पड़ रहे है। हालंकि अब खाद की सप्लाई शुरू हो गई है। लेकिन डिमांड के मुताबिक खादकी नहीं पहुंच रही है। हिमफैड को मिली 12:32:16 खाद को अब प्रदेश केविभिन्न जिलों में भेजा जा रहा है। ताकि बागवानों व किसानों को थोड़ी खादमिल सके। वहीं दूसरी खादों की खेप चंडीगढ़ पहुंच गई है। दो दिनों मेंअंदर यह खाद भी हिमफैड के गोदामों में पहुंच जाएगी।
हिमफैड के अध्यक्ष गणेश दत्त का कहना है कि खाद की सप्लाई के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। 12:32:16 खाद की एक खेप पर्याप्त हुई है। इसकेअलावा यूरिया खाद आनी भी शुरू हो गई है। उनका कहना है कि दिसंबर माह तक बागवानों व किसानों को पर्याप्त मात्रों में खाद उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे। इसके लिए लगातार खाद कंपनियों से संपर्क किया जा रहाहै। कंपनियों के पास ही खाद की कमी है। इस लिए डिमांड के मुताबिक खादें नहीं मिल रही है। जल्द स्थिति में सुधार होने के आसार है


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