हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल में अब सेब सीजन खत्म हो चुका है। सरकार ने मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब की खरीद भी बंद कर दी है। इस बार मंडी मध्यस्थता योजना के तहत 73 हजार मीट्रिक टन सेब की खरीद की गई थी। जबकि देश व प्रदेश की विभिन्न मंडियों में करीब 3.10 करोड़ सेब की पेटियां भेजी जा चुकी है। इस बार सरकार ने प्रदेश में 296 सेब खरीद केंद्र खोले थे। प्रदेश के विभिन्न कोल्ड स्टोरों में करीब दस लाख सेब की पेटियां रखे जाने का अनुमान है।
प्रदेश की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मंडी मध्यस्थता योजना के तहत बीते 15 नवंबर को सेब की खरीद बंद हो गई है। इसके साथ ही सूबे में अब सेब सीजन भी खत्म हो गया है। किन्नौर जिला से थोड़ा बहुत सेब की मंडियोंं में पहुंच रहा है। मंडी मध्यस्थता योजना के तहत वर्ष 2010 के बाद सरकार द्वारा यह दूसरी सबसे ज्यादा खरीद की गई है। इस बार प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में ओलों ने सेब की फसल को बर्बाद कर दिया था। बागवान से सी ग्रेड के सेब की खरीद मंडी मध्यस्थता योजना तहत सरकार द्वारा की जाती है। इस कड़ी में इस बार भारी मात्रा में सेब की खरीद की गई है। बीते 15 नवंबर तक सरकार ने एमआईएस के तहत 73 हजार मीट्रिक टन सेब की खरीद की है। वहीं शिमला, कुल्लू और मंडी जिला में सेब सीतजन खत्म हो चुका है। अब तक देश व प्रदेश के मंडियों में करीब 3 करोड़ सेब की पेटियां पहुंच चुकी है। जबकि विभिन्न कोल्ड स्टोर में करीब दस लाख सेब की पेटियां होने की अनुमान है।बागवानी विभाग के वरिष्ठ विपणन अधिकारी ज्ञान वर्मा का कहना है कि मंडी मध्यस्थता योजना के तहत इस बारे भारी मात्रा में सेब की खरीद की गई है। प्रदेश के अंदर बने स्टोर में रखे सेब का जानकारी जुटाई जा रही है।



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